वैंकूवर में हिंदी में और पूरे कनाडा में ऑनलाइन काउंसलिंग उपलब्ध है।

मेरा नाम मोहा है।

मुझे बहुत खुशी है कि आप यहाँ हैं।

में एक काउन्सेलर हूँ जो दक्षिण एशियाई औरतों की मदद करती हूँ। में आपको एक सुरक्षित और सपॉर्टिव जगह देती हूँ जहाँ आप अपनी दिल की बात खुल कर कह सकती हैं। अगर आप स्ट्रेस, डिप्रेशन, इन-लॉस के साथ मुश्किल, शादी में तनाव, या महिलाओं वाली प्रॉब्लम्स से जूझ रही हैं, तो मैं आपकी मदद कर सकती हूँ। मैं एक ट्रॉमा-फोकस्ड काउंसलर हूँ जो औरतों और कपल्स को थेरेपी देती हूँ, और मुझे EMDR और अटैचमेंट-बेस्ड थेरेपी में खास ट्रेनिंग मिली है। मैं क्लाइंट्स को ज़िंदगी के बदलावों, ट्रॉमा, डिप्रेशन और एंजाइटी, और प्रेग्नेंसी और डिलीवरी के बाद की मेंटल हेल्थ से जूझने में मदद करती हूँ। मेरा ज़्यादातर काम सिस और ट्रांस महिलाओं के अनुभवों पर फोकस करता है, और मैं अक्सर 2SLGBTQ+ और IBPOC क्लाइंट्स के साथ काम करती हूँ।

मैंने काउंसलिंग साइकोलॉजी में मास्टर्स किया है और मुझे औरतों की मेंटल हेल्थ में स्पेशल ट्रेनिंग मिली हुई है। हम साथ में मिलके आपकी परेशानियों का समाधान करेंगे और आपको अपना तनाव कम करने के लिए नए तरीक़े सिखायेंगे। काउंसलिंग पूरी तरह प्राइवेट होती है, मतलब जो भी आप मुझे बतायेंगी वह में किसी और से साझा नहीं करूँगी।

मैं वैंकूवर में और पूरे कनाडा में ऑनलाइन बच्चों और महिलाओं को काउंसलिंग देती हूँ।

मेरे कई क्लाइंट थेरेपी के लिए इस एहसास के साथ आते हैं कि उनकी ज़िंदगी में कुछ कम या गलत है, भले ही वे अभी उसे पूरी तरह से नाम नहीं दे सकते। वे दुख या ज़िंदगी के बदलावों से गुज़र रहे हो सकते हैं, रोज़ के स्ट्रेस से परेशान महसूस कर रहे सकते हैं, या अपने कॉन्फिडेंस में कमी महसूस कर रहे होते हैं।

काउंसलिंग के लिए मैंने कई तरह की थेरेपी में ट्रेनिंग ली है, जिसमें इमोशनली-फोकस्ड, सोमैटिक और माइंडफुलनेस-इन्फॉर्म्ड अप्रोच, और EMDR थेरेपी शामिल हैं।

मैं आपकी हीलिंग जर्नी में आपके साथ कोलेबोरेट करने के लिए यहां हूं, और मैं साथ काम करने की पॉसिबिलिटी को लेकर एक्साइटेड हूं। अगर आप काउंसलिंग के बारे में और जानना चाहती हैं, तो चलिए बात करते हैं।

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कॉउंसलिंग क्या हैं ?

हिंदी भाषा में काउंसलिंग को परामर्श कहा जाता है। यह एक सहयोगात्मक प्रक्रिया होती है जिसमें आमतौर पर दो लोग शामिल होते हैं। एक वह व्यक्ति जो किसी मानसिक, भावनात्मक या जीवन से जुड़ी समस्या का समाधान चाहता है और दूसरा एक प्रशिक्षित विशेषज्ञ या मनोवैज्ञानिक होता है। परामर्श का उद्देश्य व्यक्ति को चिंता, अवसाद, पारिवारिक तनाव, रिश्तों की कठिनाइयों, तलाक जैसी परिस्थितियों से उबरने में सहायता देना होता है।

परामर्श देने वाला व्यक्ति एक पेशेवर होता है जो अपने क्लाइंट की बातों को पूरी गोपनीयता के साथ सुनता है। वह बिना किसी पूर्वाग्रह के व्यक्ति की स्थिति को समझने की कोशिश करता है और उसे बेहतर निर्णय लेने व आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन देता है। अक्सर यह माना जाता है कि परिवार के बड़े सदस्य या मित्र सलाह दे सकते हैं, लेकिन कई बार लोग अपने निजी विचार और भावनाएँ अपनों के साथ साझा नहीं कर पाते। ऐसे समय में एक प्रशिक्षित काउंसलर सुरक्षित और निष्पक्ष सहयोग प्रदान कर सकता है।

यह जरूरी नहीं है कि परामर्श केवल उन्हीं लोगों के लिए हो जो अत्यधिक तनाव, चिंता या कम आत्मविश्वास से जूझ रहे हों। काउंसलिंग व्यक्ति को अपनी भावनाओं को स्पष्ट रूप से व्यक्त करने, अपने विचारों को समझने और जीवन के लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने में भी मदद करती है। यह छात्रों के करियर से जुड़े निर्णयों, व्यक्तिगत विकास और रिश्तों को बेहतर बनाने में भी सहायक हो सकती है। कुल मिलाकर, परामर्श जीवन की परेशानियों को कम करने और मानसिक संतुलन बनाए रखने का एक प्रभावी माध्यम है।


काउंसलिंग के प्रमुख लाभ

मानसिक शांति
परामर्श के दौरान व्यक्ति के सोचने के तरीके में सकारात्मक बदलाव आता है, जिससे मन को शांति मिलती है। जब मन शांत होता है, तो व्यक्ति सही निर्णय लेने और जीवन को बेहतर दिशा में आगे बढ़ाने में सक्षम हो पाता है। उसे यह समझ आने लगता है कि दूसरों के साथ स्वस्थ तरीके से कैसे जुड़ना है।

आत्म-जागरूकता और आत्मनिरीक्षण
काउंसलिंग का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य व्यक्ति को स्वयं को बेहतर तरीके से समझने में मदद करना होता है। काउंसलर व्यक्ति की कठिनाइयों को गहराई से समझकर उसे अपनी क्षमताओं को पहचानने और आत्मविश्वास विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

निर्णय लेने की क्षमता में सुधार
परामर्श के माध्यम से व्यक्ति अपने विचारों और दुविधाओं को किसी विशेषज्ञ के साथ साझा कर पाता है। इससे वह अपने लक्ष्यों को स्पष्ट कर पाता है और व्यक्तिगत, पारिवारिक या कार्य से जुड़े मामलों में सोच-समझकर निर्णय लेने में सक्षम होता है।

भावनाएँ व्यक्त करने के लिए सुरक्षित स्थान
हर व्यक्ति के मन में कई बातें होती हैं जिन्हें वह कहना चाहता है, लेकिन अवसर या भरोसे की कमी के कारण वह उन्हें दबा लेता है। काउंसलिंग एक ऐसा सुरक्षित माहौल प्रदान करती है जहाँ व्यक्ति खुलकर अपनी भावनाएँ व्यक्त कर सकता है, जिससे मानसिक बोझ और तनाव कम होता है।

आत्म-सम्मान, आत्मविश्वास और सामाजिक कौशल का विकास
जीवन के किसी भी चरण में आत्म-सम्मान कम हो सकता है, और यह सामान्य बात है। कई लोग अपनी बात दूसरों के सामने रखने से झिझकते हैं या असफल होने का डर महसूस करते हैं। थेरेपी के माध्यम से व्यक्ति में आत्मविश्वास और आत्म-सम्मान की भावना को मजबूत किया जाता है, जिससे वह अपने विचार परिवार, मित्रों, सहकर्मियों और समाज के सामने सहजता से व्यक्त कर सके।

स्वीकृति और जिम्मेदारी की भावना
काउंसलिंग व्यक्ति को अपनी क्षमताओं और सीमाओं को स्वीकार करना सिखाती है। यह उसे अपनी गलतियों को पहचानने और उनसे सीखने का साहस देती है, साथ ही अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों को समझने में भी मदद करती है।

चिंता में कमी
एक अनुभवी काउंसलर यह समझता है कि चिंता की स्थिति में व्यक्ति खुलकर बात नहीं कर पाता। परामर्श के दौरान उसकी भावनाओं को ध्यानपूर्वक समझकर व्यावहारिक समाधान खोजे जाते हैं। इसका उद्देश्य व्यक्ति को मानसिक तनाव से बाहर निकालकर उसे अधिक संतुलित और संतोषजनक जीवन जीने में सहायता देना होता है।

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